कार्यकर्ता बनाम लीडर

एक लीडर के रूप में, आपकी सबसे बड़ी परीक्षा यह नहीं है कि आप खुद कितनी दूर तक जाते हैं, बल्कि यह है कि आप दूसरों को कितनी दूर तक ले जाते हैं।

एक कार्यकर्ता और एक लीडर, दोनों के बीच का अंतर करने और करवाने का होता है। 
जब कोई व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत कुशलता के दम पर आगे बढ़कर लीडर बनता है, तो उसकी भूमिका और सोच में एक बड़ा बदलाव आना चाहिए।

'मैं' बनाम 'हम'

कार्यकर्ता: उसका पूरा ध्यान अपनी परफॉर्मेंस, अपने डेडलाइन और अपने काम की गुणवत्ता पर होता है। उसकी सफलता उसके अपने हाथ में होती है।
लीडर: एक लीडर की सफलता उसकी टीम की सफलता पर टिकी होती है। उसे "मैंने यह किया" के बजाय "हमने यह हासिल किया" वाली मानसिकता अपनानी चाहिए।

खुद काम करना बनाम सशक्त बनाना

कार्यकर्ता: वह काम को सबसे बेहतर तरीके से खत्म करने में माहिर होता है।
लीडर: लीडर को खुद काम करने के बजाय अपनी टीम को उस काम को करने के काबिल बनाना चाहिए। अगर लीडर खुद ही सब कुछ करता रहेगा, तो टीम कभी सीख नहीं पाएगी। इसे Delegation (कार्य सौंपना) कहते हैं।

समाधान खोजना बनाम दिशा देना

कार्यकर्ता: उसे कोई समस्या दी जाती है, और वह उसका समाधान निकालता है।
लीडर: लीडर केवल समस्या नहीं सुलझाता, बल्कि वह यह देखता है कि भविष्य में ऐसी समस्या न आए। वह टीम को एक बड़ा लक्ष्य (Vision) देता है ताकि सब एक ही दिशा में चल सकें।

तकनीकी कौशल बनाम भावनात्मक समझ

कार्यकर्ता: वह अपने काम की बारीकियों (Technical skills) में एक्सपर्ट होता है।
लीडर: यहाँ Emotional Intelligence (EQ) ज्यादा जरूरी हो जाती है। उसे लोगों के स्वभाव को समझना, उनका मनोबल बढ़ाना और कठिन समय में टीम को साथ रखना आना चाहिए।

क्या आदर्श बदलाव
   होना चाहिए? 

जब आप एक अच्छे लीडर बनते हैं तो,
क्रेडिट देना सीखें: एक कार्यकर्ता के रूप में आप प्रशंसा के भूखे हो सकते हैं, लेकिन एक लीडर के रूप में आपको अपनी टीम को आगे रखना होगा। टीम की जीत उनकी है, और हार की जिम्मेदारी आपकी।

सुनने की क्षमता: अब आपको बोलने से ज्यादा सुनना होगा। अपनी टीम के विचारों और उनकी परेशानियों को समझना ही आपको एक सफल लीडर बनाएगा।

धैर्य: हो सकता है जो काम आप कम समय में बेहतर तरीके से कर सकते हो, आपकी टीम का कोई सदस्य उस कार्य को ज्यादा समय लेकर भी उतनी कुशलता से ना करे। एक लीडर के तौर पर आपको उन्हें डांटने, शिकायत के बजाय सिखाने का धैर्य रखना होगा।

निष्कर्ष: एक बेहतरीन कार्यकर्ता काम का लोहा मनवाता है, जबकि एक बेहतरीन लीडर लोगों का लोहा तैयार करता है।

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