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Positive Attitude-Action plan

सकारात्मक नजरिया कायम रखने के लिए "एक्सन प्लान" 

  1. अपनी सोच बदले और अच्छाई खोजे।
  2. हर काम को तुरंत करने की आदत डाले।
  3. अहसानमंद होने का नजरिया बनाए।
  4. लगातार ज्ञान हासिल करने की आदत डाले।
  5. अच्छे स्वाभिमान का निर्माण करे।
  6. बुरे असर से दूर रहे।
  7. जो काम जरुरी है उन्हें पसंद करना सीखे। 
  8. अच्छे ढंग से दिन की शुरुआत करे। 
  9. एक अच्छा खोजी बने।


 # आप ऊपर दिए गए कदमो का इस्तेमाल घर,दफ्तर,समाज और धर्म क्षेत्रो में कैसे कर सकते है।
 # आप अपनी जिन बातो में बदलाव लाना चाहते है उनकी सूची बनाए। 
 # हर बदलाव से खुद पर और दूसरो पर पड़ने वाले फायदों की सूची बनाए।
 # एक टाइम टेबल बनाए और बदलाव लाने के लिए खुद को कमिट करे।

जवाबो की राह कब तक देखेंगे, ये सवाल ?


  • किसी की लगाईं "नफरत की आग "में, हम क्यों जले?
  • किसी की बोई "नफरत की नागफनियो" को ,हम क्यों सिंचे ?
  • किसी के "अहं के पोषण" के लिए, हम क्यों रिस्तो की जड़ो को मिटाये?
  • किसी की "वैचारीक दरिद्रता" को, कैसे हम भी अपनाने की मुर्खता करे?
  • किसी की "गलती की स्पर्धा" ,कैसे हम भी गलती करके करे?
  • किसी के बनाए "गलत रास्तो" पर,क्यों हम चलने को लाचार हो?
  • किसी की "खड़ी की दीवारों" को, क्यों हम बढाने को मजबूर हो?
  • किसी की बनाई "गलत परम्परा" को,क्यों हम आगे बढाने की स्थिती पैदा करे?
  • किसी के "पश्चाताप के अवसर" को, क्यों हम अपने लिए पैदा करे?

  • किसी और की नहीं, "अपनी ही राह" क्यों ना बनाए हम?
  • हमारी बाजुए नहीं,हमारा "विवेक ही हमारी शक्ति" का सूचक क्यों ना हो?
  • अहंकार,क्रोध नहीं , बल्कि "विवेकता,समता,स्नेह"  ही हमारी ताकत क्यों ना हो? 

हिम्मत न हारो !

    हिम्मत  न  हारो !
जब काम बिगड़ जाए,
जैसा की कभी -कभी होगा  
जब रास्ता सिर्फ चढ़ाई का ही दिखता हो,
जब पैसे कम और कर्ज ज्यादा हो,
जब मुस्कराहट की इच्छा आह बने,
जब चिंताए दबा रही हो,
तो सुस्ता लो, लेकिन हिम्मत न हारो !

भूल भुलैया है ये जीवन ,
पगदंदिया जिसकी हमें पार करनी है,
कई असफल तब लौट गए ,
पार होते गए जो आगे बढ़ते गए ,
धीमी है रफ़्तार तो क्या ,
मंजील तो इक दिन पा जाओंगे.

सफलता छिपी असफलताओं में ही ,
जैसे शंका के बादल में आशा की चमक ,
नाप सकोंगे क्या इतनी दुरी,
दूर दिखती है लेकिन मुमकिन है यह नजदीक हो,
डटे रहो चाहे कितनी भी मुश्किल हो,
चाहे हालात जितने भी बुरे हो ,
लेकिन हिम्मत न हारो, डटे रहो!





आजादी और जवाबदारी





पतंग का डोर से अलग होना है , आजादी ?
बच्चे का माँ की अंगुली छोड़ना है, आजादी ?
नियम बिना का जीवन है, आजादी ?
बिना कानून का समाज और देश है, आजादी ?
बिना लगाम की जबान है, आजादी ?
दीवार बिना का घर है, आजादी ?
विवाह बिना का संबंध है , जादी?

जादी , जवाबदारी और सुरक्षा के साथ जुडी हुई है।

डोर की जवाबदारी और पतंग की सुरक्षा में है, आजादी
माँ की जवाबदारी और बच्चे की सुरक्षा में है, आजादी
नियमो की जवाबदारी और जीवन की सुरक्षा में है, आजादी
कानून की जवाबदारी और समाज/देश की सुरक्षा में है, आजादी
जबान की जवाबदारी और  रिश्तो की सुुरक्षा में है , आजादी
दीवारों की जवाबदारी और घर की सुरक्षा में है, आजादी
विवाह की जवाबदारी और चरित्र की सुरक्षा में है, जादी

और
हमारी जवाबदारी और देश की सुरक्षा में ही है ,सच्ची जादी