हिम्मत न हारो !
जब काम बिगड़ जाए,
जैसा की कभी -कभी होगा
जब रास्ता सिर्फ चढ़ाई का ही दिखता हो,
जब पैसे कम और कर्ज ज्यादा हो,
जब मुस्कराहट की इच्छा आह बने,
जब चिंताए दबा रही हो,
तो सुस्ता लो, लेकिन हिम्मत न हारो !
भूल भुलैया है ये जीवन ,
पगदंदिया जिसकी हमें पार करनी है,
कई असफल तब लौट गए ,
पार होते गए जो आगे बढ़ते गए ,
धीमी है रफ़्तार तो क्या ,
मंजील तो इक दिन पा जाओंगे.
सफलता छिपी असफलताओं में ही ,
जैसे शंका के बादल में आशा की चमक ,
नाप सकोंगे क्या इतनी दुरी,
दूर दिखती है लेकिन मुमकिन है यह नजदीक हो,
डटे रहो चाहे कितनी भी मुश्किल हो,
चाहे हालात जितने भी बुरे हो ,
लेकिन हिम्मत न हारो, डटे रहो!