Why Fear About Death, Before Death So Many Things in Life.

मौत खड़ी है हर दर  पे, हर इंसान को मरना है !
मौत से फिर घबराना कैसा ,फिर इससे क्या डरना है !

जीवन का वर्क उलट देखो ,पीछे मौत लिखा होगा !
कौन ये जाने किसको पता ,बाद मौत के क्या होगा ! 
जब आएगी मर भी लेंगे ,बिन आये क्यों मरना है !
मौत से फिर घबराना कैसा ,फिर इससे क्या डरना है !

जीते जी क्यों डरे मौत से ,लाजिम जब ये मरना है !
मर जाओ ये बेहतर है, गर इससे डरना है !
बुझदिल का न जीना कुछ ,और न उसका मरना है !
मौत से फिर घबराना कैसा ,फिर इससे क्या डरना है !

डर लगता मौत का जिसको ,बड़ा काम कुछ करने में !
उसके लिए कहता हूँ मैं, क्या फर्क है जीने मरने में !
नींद खुले का नाम है जीवन, आँख लगे का मरना है!
मौत से फिर घबराना कैसा ,फिर इससे क्या डरना है! 

इस जीवन से पहले भी तुम, मर के कही से आये हो !
मरने से फिर इस जीवन , इतना क्यों घबराए हो !
हर जीवन के पहलू है दो , एक जीना ओर एक मरना है !
मौत से फिर घबराना कैसा ,फिर इससे क्या डरना है !